ऊर्जा बचत हेतु सामान्य टिप्स/सुझाव

ऊर्जा प्रबंधन उत्पादन का स्तर, उत्पाद की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं पर्यावरण के मानकों आदि पर बिना कोई प्रतिकूल प्रभाव डाले ऊर्जा के अधिक कुशल उपयोग के लिए एक अनुशाषित गतिविधि है। उपयोगकर्ता के स्तर पर यदि 1 यूनिट विद्युत की बचत होती है, तो सिस्टम की ऊर्जा दक्षता, पारेषण एवं वितरण हानि तथा उपयोग दक्षता आदि सम्मिलित कर पावर प्लांट स्तर पर 2 यूनिट विद्युत की बचत होती है।

प्रकाशीय प्रणाली

सर्वाधिक प्रकाश सूर्य से प्राप्त होता है जो सामान्यतयः 1 लाख लक्स रहता है जबकि ऑफिस कार्य हेतु सामान्यतयः 200 से 250 लक्स लेबल प्रकाश की आवश्यकता होती है। अतः सूर्य के प्रकाश का अधिकतम उपयोग करने हेतु खिड़कियों के परदे खुले रखें।

  • साधारण लैम्पों की जगह एल ई डी का प्रयोग करने से 75 प्रतिशत तक विद्युत ऊर्जा की बचत होती है जबकि उतनी ही रोशनी प्राप्त होती है।
  • टास्क लाइट (टेबल लैम्प) का उपयोग करें जिससे कार्य स्थल पर उचित रोशनी प्राप्त हो सके।
  • लाइटों पर धूल जमा होने पर 50 प्रतिशत तक रोशनी कम हो जाती है। अतः इनको साफ रखें।
  • स्वचालित प्रणालियाँ विद्युत ऊर्जा की काफी बचत करती हैं जैसे कि इन्फ्रारेड सेंसर, मोशन सेंसर, स्वचालित टाइमर स्ट्रीट लाइट तथा डिमर आदि को स्वचालित स्विच की तरह ऑन\ऑफ करने हेतु प्रयोग कर सकते हैं।
  • आवश्यकता न होने पर विद्युत उपकरणों के स्विचों को बन्द रखें। यह विद्युत ऊर्जा बचत का सबसे अच्छा तरीका है।
इलेक्ट्रिक कैटल
  • विद्युत कैटल में आवश्यकतानुसार ही पानी गर्म करना चाहिए।
  • थर्मोस्टेट स्विच तथा कुचालक पदार्थ से बने हैंडल वाली ही कैटल खरीदना चाहिए।
  • ऊर्जा दक्ष इलैक्ट्रिक कैटल का उपयोग करना चाहिए।
  • कैटल को समय- समय पर साफ करते रहना चाहिए ताकि उसके एलिमेंट पर स्केल (सफेदी) जमा न हो सके।
माइक्रोवेव ओवन
  • माइक्रोवेव ओवन में खाना साधारण ओवन के मुकाबले आधे समय में बनता है। इससे 50 प्रतिशत ऊर्जा तथा समय की बचत होती है।
  • माइक्रोवेव ओवन में खाना बनाते समय पदार्थों की अधिक मात्रा किनारे की तरफ रखना चाहिए क्योंकि माइक्रोवेव ओवन में खाना किनारे से बीच की तरफ पकता है।
  • माइक्रोवेव ओवन को खाली नहीं चलाना चाहिए।
कम्प्यूटर
  • जब कम्प्यूटर की आवश्यकता न हो तो उसे ऑफ कर देना चाहिए।
  • कम्प्यूटर की सैटिंग इस प्रकार करना चाहिए कि आवश्यकता न होने पर वह स्लीप मोड में आ जाए। स्लीप मोड में मॉनिटर ऑफ हो जाएगा जिससे लगभग 40 प्रतिशत तक विद्युत ऊर्जा की बचत होती है।
  • लैपटॉप, सेलफोन और डिजिटल कैमरा के बैटरी चार्जर को प्लग में लगा नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि यह ऊर्जा की खपत करते रहते हैं। अतः इनको प्लग से निकाल देना चाहिए।
वाटर हीटर (गीजर)
  • परिवार की आवश्यकता अनुसार गीजर का साइज निर्धारित करें, बड़े गीजर में ऊर्जा की खपत ज्यादा होती है। गर्म पानी के पाइप पर थर्मल इन्सुलेशन को लपेटना चाहिए ताकि ऊष्मा की हानि न हो।
  • नया गीजर स्थापित करते समय फाइव स्टार रेटेड गीजर लगाये।
  • गीजर की थर्मोस्टेट की सेटिंग निम्न स्तर अर्थात 80-90 डिग्री सें. के स्थान पर 50-60 डिग्री सें. पर करना चाहिए। इससे विद्युत ऊर्जा की बचत होती है।
  • सौर ऊर्जा चालित गीजर (सोलर वाटर हीटर) का प्रयोग करना चाहिए।
विद्युत मोटर
  • ऊर्जा दक्ष मोटर का उपयोग करना चाहिए।
  • यदि मोटर लोड 50 प्रतिशत से कम है तो कम क्षमता के ऊर्जा दक्ष मोटर से बदलना चाहिए।
  • मोटर में साफ्ट स्टार्टर का प्रयोग करना चाहिए।
  • मोटर जल जाने पर मोटर की रिवाइंडिंग कराने की अपेक्षा मोटर को ऊर्जा दक्ष मोटर से बदल देना चाहिए। रिवाइंडिंग कराने पर 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक ऊर्जा दक्षता का ह्रास होता है।
  • वी बेल्ट के स्थान पर फ्लैट बेल्ट का उपयोग करने पर फ्रिक्शन लॉस कम होता है जिससे ऊर्जा की बचत होती है।
  • मोटर को ऑप्टिमम वोल्टेज पर आपरेट करना चाहिए, अधिक वोल्टेज पर नहीं।
  • मोटर को बिना लोड के नही चलाना चाहिए।
  • वैरिएबल टार्क लोड जैसे ब्लोअर, पम्प आदि के लिए वैरिएबल फ्रिक्वेन्सी ड्राइव (वी.एफ.डी.) का उपयोग करना चाहिए।
कूलर तथा पंखे
  • ऊर्जा की बचत हेतु फाइव स्टार रेटेड पंखों का उपयोग करना चाहिए।
  • कूलर तथा पंखों में इलेक्ट्रानिक रेग्यूलेटर का उपयोग करना चाहिए।
  • जब आवश्यकता न हो तो पंखों तथा कूलरों के स्विच ऑफ रखें।
  • सीजन शुरू होने से पहले कूलर तथा पंखों की ओवर हॉलिंग कर लेना चाहिए इससे इनकी क्षमता बढ़ जाती है।
  • कूलरों में पम्प को ऑन\ऑफ करने हेतु स्वचालित टाइमर स्विच का प्रयोग करना चाहिए। इससे विद्युत ऊर्जा के साथ-साथ पानी की भी बचत होती है।
रेफ्रिजरेटर
  • रेफ्रिजरेटर को गर्म स्थान से दूर रखना चाहिए। फ्रिज को ऐसे स्थान पर रखे जहां सूर्य की रोशनी नही पडे़।
  • रेफ्रिजरेटर में गर्म सामान नहीं रखना चाहिए।
  • रेफ्रिजरेटर कीकंडीशनरक्वाइल को दीवार से दूर रखना चाहिए ताकि उसको ठंडा होने के लिए पर्याप्त हवा मिल सके।
  • नया रेफ्रिजरेटर फाइव स्टार रेटेड खरीदना चाहिए।
  • रेफ्रिजरेटर के दरवाजे को खुला नहीं छोड़ना चाहिए तथा बार-बार दरवाजा नहीं खोलना चाहिए।
  • खराब रेफ्रिजरेटर को प्रयोग में नहीं लेना चाहिए तथा इसका प्लग निकाल देना चाहिए।
  • रेफ्रिजरेटर के दरवाजे की गास्केट साफ तथा टाइट होना चाहिए। यदि गास्केट ढीली हो तो उसे बदलवा लें।
  • रेफ्रिजरेटर को समय पर डिफ्रास्ट कर देना चाहिए।
परिवहन क्षेत्र में ऊर्जा बचत हेतु उपाय
  • ऊर्जा दक्ष वाहन का उपयोग करें।
  • क्लच का प्रयोग सिर्फ गियर बदलने के लिये करें। क्लच पर पैर रखकर ड्राइव न करें।
  • वाहन की ट्यूनिंग एवं रख-रखाव समय- समय पर दक्ष मैकेनिंक से कराये। इससे ईधन की खपत कम होती है तथा वाहन निर्विघ्न चलता है।
  • गियर का सही उपयोग करें। लगातार कम गियर पर वाहन चलाने से ईधन की खपत ज्यादा होती है एवं इंजन का ताप बढ़ जाता है। प्रथम गियर पर वाहन स्टार्ड करके, द्वितीय गियर 10-15 किलोमीटर प्रतिघंटा (कि. मी.प्र. घं) स्पीड पर, तृतीय गियर 25-30 कि.मी.प्र.घं, चतुर्थ गियर 35-40 कि.मी.प्र.घं, एवं पंचम गियर 50-60 कि.मी.प्र.घं पर लगायें।
  • वाहन को नियंत्रित एवं नियमित गति पर चलाये जिससे बार-बार ब्रेक न लगाना पड़े, जब जरूरत हो तभी ब्रेक लगाये। इससे ईधन की खपत कम होती है तथा ब्रेक भी कम घिसता है।
  • लालबत्ती पर 1 मिनट से अधिक रूकने पर गाड़ी का इंजन बन्द कर दें।
  • टायर में हवा नियमित रूप से चेक कर लें। टायर में हवा कम होने पर ईधन की खपत बढ़ जाती है।
  • सामान को डिक्की में रखें, वाहन की छत पर सामान रखने से ईधन की खपत बढ़ जाती है।
  • वाहन को अनुकूलतम (ऑप्टिमम) गति पर चलाये तेज़ गति पर चलाने से ईधन की खपत बढ़ जाती है।
  • यदि कुछ लोगो को एक ही जगह पर जाना है तथा एक ही समय पर वापस आना है, तो अलग-अलग कार ले जाने के स्थान पर कार पूल करें।
सामान्य उपाय
  • कमरों की दीवारों को सफेद/हल्के रंगों से पेंट करना चाहिए तथा छतों को सफेद रंग से पोतना चाहिए, इससे कमरे के अन्दर का ताप बाहर के मुकाबले कम हो जाता है।
  • छत की बाह्य सतह पर सफेद सेरेमिक पेंट की पुताई करने से कमरे का ताप 6 से 8 डिग्री कम हो जाता है।
  • ठंडा तथा गर्म करने वाले सभी विद्युत उपकरणों में थर्मोस्टेट स्विच लगा होना चाहिए।
  • घरेलू वायरिंग में ज्वाइंट अथवा लूज कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
  • सभी विद्युत उपकरणों की अर्थिंग होना चाहिए।
  • जहाँ तक संभव हो सके सोलर ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए।
  • फैन्सी/ सजावटी लाइटों का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। नाइट लैम्प में नियोन/एलईडी लैम्पों का प्रयोग करना चाहिए।
  • मिक्सी में सूखा मसाला पीसने की अपेक्षा गीला मसाला पीसे।
  • स्टार रेटिड उपकरणों का प्रयोग करे। बी.ई.ई. द्वारा अनुमोदित हायर स्टार रेटिंग के विद्युत उपकरणों का प्रयोग करने से कम ऊर्जा की खपत के साथ-साथ कार्बन एमिशन भी कम होता हैं।
  • उपकरणो को स्विच से सीधे बन्द न करके रिमोट से बन्द करने पर अनावश्यक रूप से अधिक विद्युत व्यय होती है। अतः यथा सम्भव उपकरण को स्विच से बन्द करना चाहिए
रूम एयरकंडीशनर
  • कमरे के आकार के हिसाब से उचित क्षमता का एयरकंडीशनरलगाना चाहिए।
  • ए.सी. रूम में फॉल्स सीलिंग लगाने से ऊर्जा की बचत होती है।
  • ए.सी. रूम को एयर सील्ड होना चाहिए।
  • ऊर्जा की बचत हेतु फाइव स्टार रेटेड एयरकंडीशनरका उपयोग करना चाहिए।
  • ऊष्मा शोषक पदार्थों से बने सामानों को ए.सी. रूम में नहीं रखना चाहिए।
  • कमरा छोड़ने के आधे घण्टा पहले ए.सी. ऑफ कर देना चाहिए।
  • ए.सी. के एयर फिल्टर तथाकंडीशनरक्वाइल को समय- समय पर साफ करते रहना चाहिए।
  • ए.सी. के थर्मोस्टेट को न्यूनतम 25 डिग्री सेंटीग्रेट पर सेट करना चाहिए इससे कम खर्च में आराम दायक ठंडक मिलती है। प्रत्येक 01 डिग्री सेंटीग्रेट ज्यादा ताप सैट करने पर लगभग 03 प्रतिशत विद्युत की बचत होती है।
  • छत की बाह्य सतह पर सफेद सेरेमिक पेंट की पुताई करने से कमरे का ताप 6 से 8 डिग्री कम हो जाता है। जिससे ए.सी पर लोड कम पड़ेगा और विद्युत की बचत होगी।
  • यथासम्भव ए.सी. की स्थापना दक्षिण एवं पश्चिमी दीवार पर न करें, क्योंकि इन दीवारो पर सूर्य की किरणें ज्यादा पड़ती है जिससे ए.सी. पर लोड ज्यादा पड़ेगा।
वाशिंग मशीन
  • नई वाशिंग मशीन फाइव स्टार रेटेड ही खरीदना चाहिए।
  • वाशिंग मशीन को फुल लोड पर चलाना चाहिए।
  • रीन्ज साइकल में हमेशा ठंडे पानी का उपयोग करना चाहिए।
  • मशीन में जरूरत के अनुसार ही पानी भरना चाहिए।
  • कपड़ा धोते समय टाइमर का प्रयोग करना चाहिए। मशीन में कपड़ा सुखाने की जगह बाहर कपड़ा सुखाना चाहिए।
टेलिविजन तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण
  • टेलिविजन, टेप, डेक, वी.सी.आर/वी.सी.डी. प्लेयर आदि को रिमोट से ऑफ न करके प्लग स्विच से ऑफ करना चाहिए क्योंकि रिमोट से ऑफ होने के बाद भी वह काफी विद्युत ऊर्जा की खपत करते रहते हैं।
  • नया टेलिविजन फाइव स्टार रेटेड खरीदना चाहिए।
  • जब टेलिविज़न न देख रहे हो तो उसको बन्द (स्विच ऑफ) कर दें।
खाना पकाने में ऊर्जा बचत हेतु उपाय
  • खाना पकाने में काफी ईधन की खपत होती है। कुछ सामान्य ऊर्जा बचत के तरीके अपना के काफी ईधन की बचत कर सकतें है।
  • गैस जलाने अथवा इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट/स्टोप स्विच ऑन करने से पूर्व खाना पकाने की सभी समाग्री तैयार रखनी चाहिए।
  • भोजन पकाते समय प्रेशर कुकर का प्रयोग करें। प्रेशर कुकर में 40 प्रतिशत तक ऊर्जा की बचत होती है, तथा खाना पकाने में कम समय लगता है।
  • खाना उबलने पर आंच धीमी कर दें इससे ईधन तथा समय दोनों की बचत होती है।
  • खाना पकाते समय बर्तन को ढक दें।
  • अधिकतम छोटे बर्नर का उपयोग करें, छोटे बर्नर के उपयोग से गैस का उपयोग कम होता है।
  • छोटे बर्तन का उपयोग करने के लिए छोटे बर्नर का उपयोग करे तथा लौ (फ्लेम) कम करे जिससे लौ बर्तन के बाहर न जाएं।
  • दाल, चावल आदि को पकाने से पहले पानी में भिगों कर रखें।
  • यथासम्भव गोल पेन्दी के बर्तन का उपयोग नही करना चाहिए बल्कि व्यापक आधार वाले समतल सतह के बर्तन (ब्राडबेस फ्लैट बाटम बर्तन) का उपयोग करना चाहिए, जिससे लौ बर्तन के बाहर न निकलें।
  • भोजन पकाने के लिए बर्तन में सही मात्रा में पानी डाले। अधिक पानी होने पर उसको वाष्पीकृत करने में अधिक ऊर्जा का उपयोग होता है।
  • गर्म भोजन फ्रिज में न रखें। गर्म खाद्य पदार्थ को फ्रिज में रखने से पहले सामान्य ताप पर आने दें।
  • खाद्य पदार्थ को फ्रिज से निकाल कर तुरन्त गैस पर गर्म करने के लिए न रखे, बल्कि उसे पहले सामान्य ताप पर आने दें।

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